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The 48 Laws of Power अब हिदी में | शक्ति के 48 नियम | part -4

By Ajay Patel 3 min read

शक्ति का चौथा नियम

"दोस्तों पर ज़रूरत से ज्यादा भरोसा मत करो, शत्रुओं से काम लेना सीखो" 

व्यक्तिगत जीवन में 

1. दोस्ती में अति-भरोसा: कई लोग अपने सबसे अच्छे दोस्त को पार्टनर बना लेते हैं, बिना किसी अनुबंध या नियम के 

जब मतभेद होते हैं, तो दोस्ती भी जाती है, और बिज़नेस भी।

2. पूर्व शत्रुको अवसर देना: अगर कोई व्यक्ति जो कभी आपका विरोधी था, अब आपके साथ काम करना चाहता है और आप उसे एक सीमित, परिभाषित दायरे में रखते हैं, तो वह ज्यादा ज़िम्मेदारी से काम करेगा। 

इतिहास से उदाहरण

1. चाणक्य नीति मेंः. चाणक्य ने राज्य विस्तार के लिए कई ऐसे राजाओं को साथ लिया जो पहले विरोधी थे। उन्हें ज़िम्मेदारियॉँ दीं, लेकिन नियंत्रण अपने पास रखा।

2. अकबर की नीति में: अकबर ने पुराने विरोधियों (राजपूतो) को सम्मान और पद देकर अपने साथ जोड़ा, और यही भारत में उसकी शक्ति का आधार बना। 

आधुनिक संदर्भ में

ऑफिस में कई लोग अपने दोस्तों को ही हर काम में साथ रखते हैं। लेकिन जब ज़िम्मेदारियॉ बढ़ती हैं, तब दोस्ती में दरार आने लगती है। वहीं, जो व्यक्ति पहले आपकीं आलोचना करता था, अगर वह आपके साथ काम करना चाहे, तो वह अधिक प्रोफेशनल और निष्पक्ष होकर काम करेगा । 

मनोवैज्ञानिक पहलू

दोस्ती में लोग आपसे अपेक्षा रखने लगते हैं। यदि आप उनकी हर बात नहीं मानते, तो वे नाराज़ या निष्ठाहीन हो सकते हैं।

पर एक शत्रु ...

आपकी सीमा और अधिकार पहले ही जानता है। वो वही देगा जो आपने मॉगा है -

ना कम, ना ज्यादा। 

क्या यह मतलब है कि दोस्ती छोड़ दें ?

बिलकुल नहीं !

यह नियम केवल ये कहता है, भरोसा करो लेकिन अंधा नहीं।

भावना रखो, लेकिन विवेक के साथ। और... हर भरोसे का आधार दोस्ती नहीं, ज़िम्मेदारी होनी चाहिए। 

आत्म-विश्लेषण

क्या कभी किसी दोस्त ने आपकी उम्मीद तोड़ी है? क्या कभी किसी पुराने दुश्मन ने आपकी मदद की है? क्या आप अब भी हर बात सिर्फ अपने "करीबीं" से ही कहते हैं? अब समय है समझने का... भावनाओं में बहकर सत्ता नहीं टिकती। नीति और संतुलन ज़रूरी है। 

अगर आपको यह नियम जीवन में सही लगा, तो हमें जरूर बताइए। क्या आप Rule 5 भी पढ़ना चाहते हैं? कमेंट करें "Rule #5 चाहिए"

और इस पोस्ट को उन दोस्तों से शेयर करें जो हर बात दिल से ले लेते हैं ।

"शत्रु को साथ लेने से डरना नहीं चाहिए, अगर आप होशियार हैं - तो वही आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।" 

Rule #5 कल मिलेगा ... अगर आप चाहें। 

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